Thursday, 28 September 2017

News Anchor बनने की पूरी जानकारी हिन्दी में

दोस्तों आजकल टीवी पर न्यूज चैनलों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। न्यूज चैनलों के बढ़ने से News Anchor की डिमांड भी हर रोज बढ़ रही है। ऐसे में न्यूज एंकरिंग में भी एक शानदार करियर बनाया जा सकता है। न्यूज एंकरिंग में पैसे के साथ-साथ नाम व शोहरत भी मिलती है। News Anchor भी किसी फिल्म एक्टर से कम नहीं होता है। फिल्म एक्टर दर्शकों को फिल्म से बांधे रखता है। इसी तरह anchor भी दर्शकों को चैनल से जोड़े रखता है। एक अच्छे एंकर को चैनल वाले उसको मुंह मांगी कीमत तक देते हैं। तो दोस्तों आइये जानते हैं कि एक anchor बनने के लिए क्या करना पड़ता है और किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है।

News anchor jobs

Qualities of News Anchor

Tv Anchor बनने के लिए युवाओं में कुछ गुणों का होना अति आवश्यक है। नीचे दिए गए गुण यदि आपमें मौजूद हैं तो आप एक अच्छे एंकर बन सकते हैं।

1 - एंकर बनने के लिए स्पष्ट आवाज का होना बहुत जरुरी है।
2 - एंकर की हिन्दी या English भाषा पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए।
3 - इस profession में बॉडी लैंग्वेज व पर्सनल्टी की भी आवश्यकता पड़ती है।
4 - anchoring में journlism बैकग्राउंड व न्यूज राइटिंग का भी ज्ञान होना चाहिए।

Qualification of News Anchor

anchoring करने की चाह रखने वाले लोगो को 12वीं ( इंटरमीडिएट ) उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके साथ ही हिन्दी या English भाषा की अच्छी जानकारी होनी चाहिए।

News Anchor Jobs

कोर्स करने से पहले या कोर्स करने के बाद हर इंसान के मन में जॉब का ख्याल आता है कि हमें नौकरी कहाँ मिलेगी ? तो हम आपको बता दे कि यह कोर्स करने के बाद न्यूज चैनल में anchoring की जॉब मिल सकती है। इसके अलावा टीवी के प्रसारित शोज में भी जॉब की संभावनाये हैं।
टीवी के अलावा आप स्टेज शोज में भी एंकरिंग का काम कर सकते हैं।

 • ज्वेलरी डिजाइन में करियर बनाये 

News Anchor Salary

इस कोर्स को करने के बाद शुरुआत में 20 हजार रुपये तक की जॉब आसानी से मिल जाती है। इसके बाद अनुभव के आधार पर आप अच्छी salary पा सकते हैं। कहीं-कहीं तो चैनल वाले शोज के अनुसार अच्छा पैसा देते हैं।

Institute of News Anchor course

हमारी India में एंकरिंग के बहुत सारे इंस्टिट्यूट हैं लेकिन हम आपको India के best institute की जानकारी दे रहे हैं।

1 - इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली
2 - सेंटर फॉर रिसर्च इन आर्ट ऑफ़ फिल्म एंड टेलीविज़न (CRAFT), नई दिल्ली
3 - आईआईएमसी, नई दिल्ली
4 - वाईएमसीए इंस्टीट्यूट फॉर मीडिया स्टडीज ऐंड इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
5 - जानकीदेवी महाविद्यालय, नई दिल्ली
6 - भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली
7 - एनआरएआई स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली
8 - आईएएएन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, नई दिल्ली
9 - एशियाई एकेडमी ऑफ़ फिल्म एंड टेलीविज़न (AAFT), नॉएडा
10 - नेशनल स्कूल ऑफ़ इवेंट्सएट मुम्बई, इंदौर, एंड कोलकाता
11 - गार्डन सिटी कॉलेज, बंगलुरू
12 - इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर मीडिया एंड फिल्म (IIMF), जयपुर
13 - ओस्मानिया यूनिवर्सिटी कॉलेज फॉर वूमेन, हैदराबाद
14 - जेवियर इंस्टीटूट ऑफ कम्युनिकेशन, मुंबई

न्यूज एंकरिंग आज के युवाओं का एक फैशन बन गया है। इस लाइन की एक खासियत ये है कि इसमें स्वतंत्रता के साथ काम किया जाता है। इस फील्ड में समय की कोई बंदिश न होने के कारण युवाओ का क्रेज News Anchor में बढ़ता जा रहा है। यदि आपमें anchoring का थोड़ा भी हुनर है तो इस फील्ड में करियर बना सकते है और सफलता की बुलंदियों को छू सकते हैं। News Anchor में स्कोप होने के कारण एक अच्छा future बनाया जा सकता है।

दोस्तों मैं आशा करता हूँ कि आपको ये पोस्ट पसन्द आयी होगी। यदि आपको इससे सम्बंधित कोई Question पूछना हो तो आप comment के द्वारा पूछ सकते हैं।

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Saturday, 23 September 2017

ज्वेलरी डिजाइन में करियर बनाये

दोस्तों आज हम आपको ज्वेलरी डिजाइन के बारे में जानकारी दे रहे है। आजकल फैशन बहुत आगे बढ़ता जा रहा है। हर क्षेत्र में फैशन अपना जोर पकड़ रहा है। इसी तरह ज्वेलरी डिजाइन में भी काफी फैशन है। दोस्तों ज्वेलरी डिजाइनिंग का कोर्स करके भी एक अच्छा कैरियर बनाया जा सकता है। ये कोर्स करने वाले को काफी creative रहना पड़ता है। नयी-नयी चीजे नए-नए विचारो को अपने दिमाग में बिठाना होता है। यदि आपका दिमाग creative है तो आप अपने जीवन में बहुत पैसा कमा सकते हो। आइये अब हम आपको बताते है कि ये कोर्स कब और कहां से, कैसे होता है ?

Jewellery design course


कोर्स के लिए योग्यता (Qualification)

कुछ Institute में Jewellery designing का कोर्स 12वीं के बाद होता है तो कुछ बड़े-बड़े इंस्टिट्यूट में ये डिजाइनिंग कोर्स ग्रेजुएशन करने के बाद ही उपलब्ध है। अधिकतर institute में ये कोर्स ग्रेजुएशन के बाद ही कराया जाता है।

ज्वेलरी डिजाइन कोर्स की अवधि

इस course की अवधि अलग-अलग institute के अनुसार अलग-अलग है। ये कोर्स 1 महीने से लेकर 4 साल तक institutes में उपलब्ध है। कुछ course short time के होते है तो कुछ long time के होते है। छात्र अपनी इच्छा व बजट के अनुसार ये course कर सकता है।  

वेतन (salary)

वेतन का ख्याल प्रत्येक व्यक्ति के मन में आता है। जी हां ये ख्याल आना लाजमी है। तो हम आपको बता देते है कि इस course को करने के बाद शुरुआत में 10 से 20 हजार तक की नौकरी आसानी से मिल जाती है। फिर बाद में योग्यता व अनुभव के साथ-साथ सैलरी भी बढ़ती जाती है। इस तरह से इस फील्ड में लाखों रूपये महीने कमाये जा सकते है।

 • Polytechnic कोर्स की full detail हिन्दी में 

ज्वेलरी डिजाइन के Institute

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
जे.डी. इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
अकेडमी ऑफ फैशन स्टडीज, नई दिल्ली
एपीजे इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन, नई दिल्ली
साउथ दिल्ली पॉलिटेक्निक फॉर वुमेन, नई दिल्ली
इंडियन जेमोलॉजी इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी, मुम्बई
जेमोलॉजी इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया, मुंबई
जे.के. डायमंड्स इंस्टीट्यूट ऑफ जेम्स एंड ज्वेलरी, मुम्बई
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग, जयपुर
जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल, जयपुर
जेमस्टोन्स आर्टिसन्स ट्रेनिंग स्कूल, जयपुर
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मॉडर्न आर्ट, भोपाल
ज्वेलरी डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट, नोएडा

यह course करने वाले लोगो के पास नौकरी के अलावा दूसरा रास्ता ये है कि यदि कोई नौकरी करना न चाहे या नौकरी करके मन भर गया है तो वे लोग इस फील्ड में अपना बिजनेस खोल सकते है। ज्वेलरी की मांग भरपूर होने के कारण इस बिजनेस में अच्छा पैसा कमाते हैं कुछ लोगो को नौकरी करना पसंद नहीं होता है और इसका व्यापार खोलने के लिए यदि आपके पास पैसा नहीं है तो आप बिना नौकरी किये भी पैसा कमा सकते है। ज्वेलरी डिजाइन में आप freelance घर पर काम करके भी पैसा कमा सकते है।

बहुत से डिजाइनर घर से freelance काम करके पैसा कमाते है। ये रास्ता आप भी पकड़ सकते हैं। दोस्तों ये थी ज्वेलरी डिजाइन में एडमिशन लेने की पूरी प्रक्रिया। हमारी दी गई जानकारी के द्वारा आप ज्वेलरी के courses में आसानी से एडमिशन ले सकते है और एक अच्छे jewelleri designer बन सकते हैं। ज्वेलरी डिज़ाइनर बनकर आप बहुत सारा पैसा और शोहरत कमा सकते हैं। ज्वेलरी डिजाइन के फील्ड में scope अच्छा होने के कारण एक सुनहरा व उज्जवल भविष्य बनाया जा सकता है।

दोस्तों ये पोस्ट आपको कैसी लगी हमें जरूर बताएं। यदि आपको कोई Question पूछना हो तो आप हमें Comment के द्वारा पूछ सकते हैं।

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Tuesday, 19 September 2017

Polytechnic कोर्स की Full Detail हिन्दी में

पॉलिटेक्निक कोर्स करके
सफल कैरियर कैसे बनाये 


Polytechnic एक ऐसा कोर्स जिसे करके एक सफल कैरियर बनाया जा सकता है। अब सवाल ये उठता है कि पॉलिटेक्निक क्या है ? ये कब होती है ? इसमें प्रवेश लेने के लिए क्या करना पड़ता है। इसकी सारी जानकारी हम आपको दे रहे है, जिसे पढ़कर आप लाभ उठा सकते है।
Polytechnic दो शब्दों से मिलकर बना है। Poli और tekhnikos, Poli का अर्थ होता हैं बहुत और tekhnikos का अर्थ होता हैं कला, जिसका मतलब हैं विभिन्न प्रकार की कला । Polytechnic एक ऐसी तकनीकी शिक्षा हैं जिसमें हर प्रकार की तकनीकी शिक्षाएं आती हैं। इसमें बहुत सारे इंजीनियरिंग कोर्स आते है। इन इंजीनियरिंग कोर्स को करके एक सफल इंजीनियर बना जा सकता है।

Polytechnic course

Polytechnic course के लिए योग्यता

पॉलिटेक्निक में कुछ कोर्स 10वीं के बाद होते हैं तो कुछ कोर्स 12वीं के बाद भी होते है।
Polytechnic में प्रवेश के लिए हाईस्कूल विज्ञान व गणित ( प्रारंभिक गणित नहीं ) के साथ किया हो। इसमें 50 प्रतिशत अंक होना जरुरी है।
पॉलिटेक्निक में प्रवेश के लिए इंटरमीडिएट विज्ञान व गणित के साथ किया हो। इसमें भी 50 प्रतिशत अंको का होना जरुरी है।

तभी आप इसमें में प्रवेश ले सकते है।

Institute For Polytechnic course

इसके कोर्स नीचे दिए जा रहे हैं। आप अपने पसन्द के अनुसार कोई भी कोर्स choice कर सकते हैं।
टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, केमिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग इन प्लास्टिक
ऐंड पॉलिमर्स, लेदर टेक्नोलॉजी, फुटवियर टेक्नोलॉजी,
मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग,
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल ऐंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग,
इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, अप्लाइड
इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड इंस्ट्रूमेंटेशन, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग,
इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मास कम्युनिकेशन, इंटीरियर डिजाइनिंग, होटल
मैनेजमेंट,कॉमर्शियल ऐंड फाइन आर्ट, मास कम्युनिकेशन,
ऑफिस मैनेजमेंट ऐंड कम्प्यूटर ऐप्लिकेशन, आदि।



Polytechnic कोर्स की अवधि

पॉलिटेक्निक के अधिकतर कोर्स की अवधि 3 साल है। मगर कुछ कोर्स ऐसे भी है जो 2 साल में कम्पलीट हो जाते है।

Polytechnic Complete करने के बाद जॉब


आज के लोग पॉलिटेक्निक वालो को जूनियर इंजीनियर भी कहते है। सरकारी या प्राइवेट दोनों क्षेत्रो में जूनियर इंजीनियर की काफी डिमांड है। Polytechnic वालो के लिए सरकार भी समय-समय पर नौकरियां निकालती है। इसलिए पॉलिटेक्निक वालो के लिए सरकारी क्षेत्र में भी नौकरी की काफी संभावनाये हैं। प्राइवेट क्षेत्र में भी अच्छे सैलेरी पैकेज पर Polytechnic के इंजीनियरों को जॉब मिल जाती हैं।

Salary Package


इस कोर्स को करने के बाद शुरुआत में 15 - 20 हजार मासिक वेतन मिल जाता है। जो की 2 लाख से 2.5 लाख सालाना पैकेज हो सकता है। इसके बाद अनुभव के आधार पर इनको 50 हजार से 1 लाख तक मासिक वेतन तक मिल जाता है।

तो दोस्तों ये है आपके लिए Polytechnic course की जानकारी। इसके द्वारा आप ये कोर्स करके अपना भविष्य सुनहरा बना सकते हैं। ये एक ऐसा कोर्स है जिसमे तरक्की व आगे बढ़ने की काफी सम्भावनाएं हैं। Polytechnic करने के बाद आप इंजीनियर बन सकते हैं और B.tech करके भी आप इंजीनियर बनते हो। लेकिन polytechnic course कम समय के होने के कारण इन courses की तरफ student ज्यादा ध्यान देते है। इसीलिए ये कोर्स करके आप भी जल्द से जल्द इंजीनियर बन सकते हो। तो देर न करते हुए जल्द से जल्द इस कोर्स के लिए apply कीजिये।


मैं आशा करता हूँ की आपको मेरी career से related पोस्ट जरूर पसंद आ रही होंगी अपने कमेंट के द्वारा अपने विचार जरूर send करे।

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Tuesday, 5 September 2017

क्या आप Teacher बनना चाहते हैं

How Can Make
Career In Teacher


Teacher एक ऐसा व्यक्ति जो देश का भविष्य तैयार करता है। Teacher से पढ़कर लोग डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, आईएएस, पीसीएस, वैज्ञानिक, पायलेट, पुलिस, फौजी वगैरह बनते है।
शिक्षक बनकर भी एक अच्छा कैरियर बनाया जा सकता है। आज हम बात करेंगे कि शिक्षक कैसे बना जाये ? शिक्षक बनने के लिए कौन सी पढाई पढ़ी जाये ? शिक्षक बनने के लिए कौन सा कोर्स किया जाये ? शिक्षक बनने का कोर्स कहां से किया जाये ? आपके इन सारे सवालों के जवाब हम इस पोस्ट में देंगे। तो आइये जानने है कि शिक्षक कैसे बने ?

Teacher बनने के लिए कौन सी पढाई पढ़े, ये समझने के लिए पहले हमें शिक्षको को क्लास के अनुसार बाँटना होगा। क्लास में अनुसार हम शिक्षको को पांच भागों में बांटते हैं।
1- क्लास 1 से 5 तक 
2- क्लास 6 से 8 तक
3- क्लास 9 से 10 तक
4- क्लास 11 से 12 तक
5- ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन तक
भारत सरकार शिक्षकों की भर्ती इन्ही क्रम से क्लास के अनुसार करती है। आइये अब जानते हैं कि इनके शिक्षक कैसे बनते है ?

Primary teacher and tgt pgt

1- क्लास 1 से 5 तक के Teacher --
इन टीचर्स को प्राइमरी टीचर कहते है। प्राइमरी टीचर बनने के लिए स्नातक के बाद BTC का कोर्स होता है। पहले ये 12वीं के बाद होती थी, लेकिन अब यूपी में ये स्नातक के बाद होती है। BTC का पूरा नाम basic training certificate है। BTC  2 साल का कोर्स है। BTC करने के बाद CTET या Stet का TET पास करके आप प्राइमरी टीचर बन सकते है।

कुछ राज्यो में प्राइमरी टीचर के लिए JBT की पढाई होती है। JBT का पूरा नाम Junior Basic Training होता है। यह 12वीं के बाद 2 साल का डिप्लोमा है।

नर्सरी के बच्चों को पढ़ाने के लिए NTT कोर्स भी होता है। NTT (Nursery Teacher Training) कोर्स करके केवल नर्सरी क्लास के बच्चों को पढ़ाया जाता है। NTT कोर्स  के लिए 12वीं पास होना जरुरी है। यह कोर्स एक साल का होता है और यह  केवल महिलाओं के लिए है।

2- क्लास 6 से 8 तक के Teacher --
इन टीचर्स को सहायक अध्यापक कहा जाता है। सहायक अध्यापक बनने के लिए ग्रेजुएशन के बाद B.Ed ( Bachelor of Education ) की पढाई की जाती है। B.Ed की पढाई अब 2 साल की होती है जो कुछ साल पहले एक साल की होती थी। B.Ed की डिग्री लेने के बाद CTET या Stet का TET पास करना होता है। इसके बाद सहायक शिक्षको की वेकैंसी निकलने पर apply करके सहायक अध्यापक बन सकते हैं।

3- क्लास 9 से 10 तक के Teacher --
इन टीचर्स को प्रशिक्षित शिक्षक कहते हैं। क्लास 9 व 10 यानी हाईस्कूल के स्टूडेंट को पढ़ाने के लिए B.Ed करने के बाद एक TGT का टेस्ट पास करना होता है। TGT यानी Trend Graduate Teacher. यह टेस्ट graduate और B.Ed के सब्जेक्ट के अनुसार अलग-अलग subject का होता है। सरकार समय-समय पर TGT की वेकैंसी निकलती है।

• Job Search करने के लिए बेस्ट साइट्स 

4- क्लास 11 से 12 तक के Teacher --
इन टीचर्स को लेक्चरर या प्रवक्ता कहते है। ये 11वीं और 12वीं इंटरमीडिएट के छात्रों को पढ़ाते हैं। प्रवक्ता बनने के लिए क्वालिफिकेशन B.Ed डिग्री के साथ मास्टर डिग्री एमए, एमएससी, एम कॉम होना जरुरी है। इतनी योग्यता होने के बाद सरकार इन डिग्री धारकों से PGT (Post Graduate Teacher) का टेस्ट पास करवाती है।तब जाकर ये लोग लेक्चरर (प्रवक्ता) बनते है।

5- ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन तक के Teacher --
ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन के टीचर्स को प्रोफेसर कहते है। प्रोफेसर बनने के लिए Ph.D की डिग्री अनिवार्य होती है। इन टीचर्स को NET का टेस्ट पास करना होता है। इसके बाद ये प्रोफेसर बनते है।

तो ये थी दोस्तों Teacher बनने की अलग-अलग योग्यताएं। अब आपको जैसा भी टीचर बनना हो, उसी के अनुसार पढाई करो और Teacher बनकर अपना कैरियर संवारो। शिक्षा के क्षेत्र में आप एक सुनहरा भविष्य व शानदार कैरियर बना सकते हैं।

 आप को ये पोस्ट कैसी लगी आप मुझे जरूर बताये।

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